श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 82: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे अर्जुनकी वीरता बतलाकर पुन: द्यूतक्रीड़ाके लिये पाण्डवोंको बुलानेका अनुरोध और उनकी स्वीकृति  »  श्लोक d15
 
 
श्लोक  2.82.d15 
ततो मेघगणान् पार्थ: शरव्रातै: समन्तत:।
खगमैर्वारयामास तदाश्चर्यमिवाभवत्॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर अर्जुन ने आकाश तक पहुँचने वाले बाण चलाकर चारों ओर से बादलों को रोक दिया। यह एक अद्भुत घटना थी।
 
Seeing this, Arjuna stopped the clouds from all sides by shooting arrows that reached the sky. It was a wonderful event.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)