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mahabharat 2.82.d14: खांडव वन के जलने का समाचार सुनकर देवराज इंद्र ने बादलों को आग बुझाने का आदेश दिया। उनकी प्रेरणा से बादलों ने भारी वर्षा शुरू कर दी।   |   mahabharat अध्याय 2.82: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे अर्जुनकी वीरता बतलाकर पुन: द्यूतक्रीड़ाके लिये पाण्डवोंको बुलानेका अनुरोध और उनकी स्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 82: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे अर्जुनकी वीरता बतलाकर पुन: द्यूतक्रीड़ाके लिये पाण्डवोंको बुलानेका अनुरोध और उनकी स्वीकृति  »  श्लोक d14
 
 
श्लोक  2.82.d14 
तत: श्रुत्वा महेन्द्रस्तं मेघांस्तान् संदिदेश ह।
तेनोक्ता मेघसङ्घास्ते ववर्षुरतिवृष्टिभि:॥
 
 
अनुवाद
खांडव वन के जलने का समाचार सुनकर देवराज इंद्र ने बादलों को आग बुझाने का आदेश दिया। उनकी प्रेरणा से बादलों ने भारी वर्षा शुरू कर दी।
 
On hearing the news of the burning of Khandav forest, Devraj Indra ordered the clouds to extinguish the fire. With his inspiration, the clouds started pouring heavy rain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)