Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.82.22: (अपनी विजय के पश्चात्) हम बहुत से मित्रों को एकत्रित करेंगे और उन्हें बलवान, निर्भय एवं विशाल सेना के समान पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे और फिर इस राज्य में अपनी जड़ें जमा लेंगे ॥22॥ | mahabharat अध्याय 2.82: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे अर्जुनकी वीरता बतलाकर पुन: द्यूतक्रीड़ाके लिये पाण्डवोंको बुलानेका अनुरोध और उनकी स्वीकृति । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दृढमूला वयं राज्ये मित्राणि परिगृह्य च।
सारवद् विपुलं सैन्यं सत्कृत्य च दुरासदम्॥ २२॥
अनुवाद
(अपनी विजय के पश्चात्) हम बहुत से मित्रों को एकत्रित करेंगे और उन्हें बलवान, निर्भय एवं विशाल सेना के समान पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे और फिर इस राज्य में अपनी जड़ें जमा लेंगे ॥22॥
(After our victory) we will gather many friends and honour them with rewards like a strong, fearless and large army and then establish our roots in this kingdom. ॥22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥