Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.82.15: वे सभी लोग नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों तथा अन्य उपकरणों से सुसज्जित रथों पर बैठकर शत्रु पक्ष के सारथिओं का संहार करने के उद्देश्य से सेना एकत्रित करने गए हैं ॥15॥ | mahabharat अध्याय 2.82: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे अर्जुनकी वीरता बतलाकर पुन: द्यूतक्रीड़ाके लिये पाण्डवोंको बुलानेका अनुरोध और उनकी स्वीकृति । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते त्वास्थाय रथान् सर्वे बहुशस्त्रपरिच्छदान्।
अभिघ्नन्तो रथव्रातान् सेनायोगाय निर्ययु:॥ १५॥
अनुवाद
वे सभी लोग नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों तथा अन्य उपकरणों से सुसज्जित रथों पर बैठकर शत्रु पक्ष के सारथिओं का संहार करने के उद्देश्य से सेना एकत्रित करने गए हैं ॥15॥
All of them, seated on chariots equipped with various weapons and other equipment, have gone to collect the army with the objective of killing the charioteers of the enemy side. ॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥