Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.82.12-13: हमने सुना है कि अर्जुन कवच धारण करके और पीठ पर दो उत्तम तरकस रखकर चलते हैं। वे बार-बार गाण्डीव धनुष उठाकर गहरी साँस लेते हुए चारों ओर देखते हैं। इसी प्रकार भीमसेन ने भी शीघ्रतापूर्वक अपना रथ तैयार किया और अपनी भारी गदा लेकर बड़ी शीघ्रता से यहाँ से प्रस्थान किया।॥12-13॥ | mahabharat अध्याय 2.82: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे अर्जुनकी वीरता बतलाकर पुन: द्यूतक्रीड़ाके लिये पाण्डवोंको बुलानेका अनुरोध और उनकी स्वीकृति । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हमने सुना है कि अर्जुन कवच धारण करके और पीठ पर दो उत्तम तरकस रखकर चलते हैं। वे बार-बार गाण्डीव धनुष उठाकर गहरी साँस लेते हुए चारों ओर देखते हैं। इसी प्रकार भीमसेन ने भी शीघ्रतापूर्वक अपना रथ तैयार किया और अपनी भारी गदा लेकर बड़ी शीघ्रता से यहाँ से प्रस्थान किया।॥12-13॥
We have heard that Arjuna goes wearing armour and carrying two excellent quivers on his back. He takes up the Gandiva bow again and again and looks around taking deep breaths. Similarly, Bhimasena quickly harnessed his chariot and carrying his heavy mace left this place in great haste.॥ 12-13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥