श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 81: धृतराष्ट्रका युधिष्ठिरको सारा धन लौटाकर एवं समझा-बुझाकर इन्द्रप्रस्थ जानेका आदेश देना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.81.3 
इदं चैवावबोद्धव्यं वृद्धस्य मम शासनम्।
मया निगदितं सर्वं पथ्यं नि:श्रेयसं परम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
मुझ वृद्ध पुरुष की यही आज्ञा है। एक बात और है, उस पर भी ध्यान दो। मैं जो कुछ कहूँगा, वह सब तुम्हारे हित और परम कल्याण के लिए होगा॥3॥
 
This is the command of me, the old man. There is one more thing, pay attention to that too. All that I say will be for your benefit and ultimate welfare.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)