Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.81.11: सत्पुरुष कभी आर्यमाया का उल्लंघन नहीं करते। उनके दर्शन से सभी लोग प्रसन्न हो जाते हैं। युधिष्ठिर! कौरवों और पाण्डवों की सभा में तुमने महापुरुषों जैसा आचरण किया है। 11॥ | mahabharat अध्याय 2.81: धृतराष्ट्रका युधिष्ठिरको सारा धन लौटाकर एवं समझा-बुझाकर इन्द्रप्रस्थ जानेका आदेश देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
असम्भिन्नार्थमर्यादा: साधव: प्रियदर्शना:।
तथा चरितमार्येण त्वयास्मिन् सत्समागमे॥ ११॥
अनुवाद
सत्पुरुष कभी आर्यमाया का उल्लंघन नहीं करते। उनके दर्शन से सभी लोग प्रसन्न हो जाते हैं। युधिष्ठिर! कौरवों और पाण्डवों की सभा में तुमने महापुरुषों जैसा आचरण किया है। 11॥
Good men never violate Aryamaya. Everyone becomes happy after seeing him. Yudhisthira! In the meeting of Kauravas and Pandavas, you have behaved like great men. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥