श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 80: शत्रुओंको मारनेके लिये उद्यत हुए भीमको युधिष्ठिरका शान्त करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.80.16 
युधिष्ठिरस्तमावार्य बाहुना बाहुशालिनम्।
मैवमित्यब्रवीच्चैनं जोषमास्स्वेति भारत॥ १६॥
 
 
अनुवाद
भरत! तब युधिष्ठिर ने विशाल भुजाओं से विभूषित भीमसेन को एक हाथ से रोककर कहा - 'ऐसा मत करो, शान्त होकर बैठ जाओ।'॥16॥
 
Bhaarata! Then Yudhishthira stopped Bhimasena, who was adorned with huge arms, with one hand and said, 'Don't do this, sit down peacefully.'॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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