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श्लोक 2.80.10  |
भीम उवाच
इहैवैतांस्त्वहं सर्वान् हन्मि शत्रून् समागतान्।
अथ निष्क्रम्य राजेन्द्र समूलान् हन्मि भारत॥ १०॥ |
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| अनुवाद |
| भीमसेन ने (राजा युधिष्ठिर से) कहा - हे भरतवंशी! (यदि आपकी आज्ञा हो तो) मैं इन सब शत्रुओं को यहीं मार डालूँगा और यहाँ से निकलकर इनके मूल को भी नष्ट कर दूँगा॥ 10॥ |
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| Bhimasena said (to King Yudhishthira) - O King of the Bharata dynasty! (If you permit,) I will kill all these enemies here and after coming out from here I will destroy their origin also.॥ 10॥ |
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