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mahabharat 2.79.4: यज्ञसेनकुमारी! नकुल पराजित हुआ, भीमसेन, युधिष्ठिर, सहदेव और अर्जुन भी पराजित होकर दास बन गए। अब तुम भी दासी बन गई हो। वे पराजित पाण्डव अब तुम्हारे पति नहीं रहे।॥4॥   |   mahabharat अध्याय 2.79: कर्ण और दुर्योधनके वचन, भीमसेनकी प्रतिज्ञा, विदुरकी चेतावनी और द्रौपदीको धृतराष्ट्रसे वरप्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 79: कर्ण और दुर्योधनके वचन, भीमसेनकी प्रतिज्ञा, विदुरकी चेतावनी और द्रौपदीको धृतराष्ट्रसे वरप्राप्ति  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  2.79.4 
पराजितो नकुलो भीमसेनो
युधिष्ठिर: सहदेवार्जुनौ च।
दासीभूता त्वं हि वै याज्ञसेनि
पराजितास्ते पतयो नैव सन्ति॥ ४॥
 
 
अनुवाद
यज्ञसेनकुमारी! नकुल पराजित हुआ, भीमसेन, युधिष्ठिर, सहदेव और अर्जुन भी पराजित होकर दास बन गए। अब तुम भी दासी बन गई हो। वे पराजित पाण्डव अब तुम्हारे पति नहीं रहे।॥4॥
 
Yagyasenakumari! Nakul was defeated, Bhimasena, Yudhishthira, Sahadeva and Arjuna were also defeated and became slaves. Now you have become a slave. Those defeated Pandavas are no longer your husbands.॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)