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mahabharat 2.79.16: विदुर जी ने कहा- हे धृतराष्ट्रपुत्रों! देखो, भीमसेन से यह महान भय उत्पन्न हो गया है। इस पर ध्यान दो। निश्चय ही प्रारब्ध की प्रेरणा से भरतवंश के सम्मुख यह महान अन्याय घटित हुआ है॥ 16॥   |   mahabharat अध्याय 2.79: कर्ण और दुर्योधनके वचन, भीमसेनकी प्रतिज्ञा, विदुरकी चेतावनी और द्रौपदीको धृतराष्ट्रसे वरप्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 79: कर्ण और दुर्योधनके वचन, भीमसेनकी प्रतिज्ञा, विदुरकी चेतावनी और द्रौपदीको धृतराष्ट्रसे वरप्राप्ति  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.79.16 
विदुर उवाच
परं भयं पश्यत भीमसेनात्
तद् बुध्यध्वं धृतराष्ट्रस्य पुत्रा:।
दैवेरितो नूनमयं पुरस्तात्
परोऽनयो भरतेषूदपादि॥ १६॥
 
 
अनुवाद
विदुर जी ने कहा- हे धृतराष्ट्रपुत्रों! देखो, भीमसेन से यह महान भय उत्पन्न हो गया है। इस पर ध्यान दो। निश्चय ही प्रारब्ध की प्रेरणा से भरतवंश के सम्मुख यह महान अन्याय घटित हुआ है॥ 16॥
 
Vidur ji said- O sons of Dhritarashtra! Look, this great fear has arisen from Bhimasena. Pay attention to this. Surely due to the inspiration of destiny, this great injustice has occurred in front of the Bharat dynasty.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)