Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.78.4: पांचाली! इन लोगों को इन महान राजाओं से स्पष्ट कह देना चाहिए कि युधिष्ठिर को तुम्हें दांव पर लगाने का कोई अधिकार नहीं था। सभी पांडव मिलकर धर्मराज युधिष्ठिर को झूठा सिद्ध कर दें। तब पांचाली! तुम दासत्व के बंधन से मुक्त हो जाओगी॥ 4॥ | mahabharat अध्याय 2.78: दुर्योधनके छल-कपटयुक्त वचन और भीमसेनका रोषपूर्ण उद्गार । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पांचाली! इन लोगों को इन महान राजाओं से स्पष्ट कह देना चाहिए कि युधिष्ठिर को तुम्हें दांव पर लगाने का कोई अधिकार नहीं था। सभी पांडव मिलकर धर्मराज युधिष्ठिर को झूठा सिद्ध कर दें। तब पांचाली! तुम दासत्व के बंधन से मुक्त हो जाओगी॥ 4॥
Panchali! These people should clearly tell these great kings that Yudhishthira had no right to put you at stake. All the Pandavas together should prove Dharmaraja Yudhishthira a liar. Then Panchali! You will be freed from the bondage of slavery.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥