श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 78: दुर्योधनके छल-कपटयुक्त वचन और भीमसेनका रोषपूर्ण उद्‍गार  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.78.3 
दुर्योधन उवाच
तिष्ठत्वयं प्रश्न उदारसत्त्वे
भीमेऽर्जुने सहदेवे तथैव।
पत्यौ च ते नकुले याज्ञसेनि
वदन्त्वेते वचनं त्वत्प्रसूतम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन ने कहा- द्रौपदी! तुम्हारा यह प्रश्न तुम्हारे पतियों, महाबली भीम, अर्जुन, सहदेव और नकुल के लिए छोड़ दिया गया है। वे ही तुम्हारे प्रश्न का उत्तर दें।
 
Duryodhan said- Draupadi! This question of yours is left to your husbands, mighty Bhima, Arjun, Sahadeva and Nakul. Only they should answer your question.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)