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मन्यसे वा सभामेतामानीतामेकवाससम्।
अधर्मेणेति तत्रापि शृणु मे वाक्यमुत्तमम्॥ ३४॥
अनुवाद
अथवा यदि तुम्हारा ऐसा विचार है कि द्रौपदी को एक वस्त्र पहनाकर अन्यायपूर्वक इस सभा में लाया गया है, तो इसके उत्तर में भी मेरी उत्तम सलाह सुनो ॥ 34॥
Or, if you are of the opinion that Draupadi, wearing only one garment, has been brought to this assembly unjustly, then listen to my excellent advice in answer to this also. ॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥