Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.76.24: 'सब दाव जीतने की इच्छा रखने वाले सुबलपुत्र शकुनि ने द्रौपदी को दाव पर लगाने का प्रश्न उठाया है। इन सब बातों पर विचार करने के पश्चात् भी मैं यह नहीं मानता कि द्रुपदपुत्री कृष्णा जीती हैं।'॥24॥ | mahabharat अध्याय 2.76: भीमसेनका क्रोध एवं अर्जुनका उन्हें शान्त करना, विकर्णकी धर्मसंगत बातका कर्णके द्वारा विरोध, द्रौपदीका चीरहरण एवं भगवान्द्वारा उसकी लज्जारक्षा तथा विदुरके द्वारा प्रह्लादका उदाहरण देकर सभासदोंको विरोधके लिये प्रेरित करना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इयं च कीर्तिता कृष्णा सौबलेन पणार्थिना।
एतत् सर्वं विचार्याहं मन्ये न विजितामिमाम्॥ २४॥
अनुवाद
'सब दाव जीतने की इच्छा रखने वाले सुबलपुत्र शकुनि ने द्रौपदी को दाव पर लगाने का प्रश्न उठाया है। इन सब बातों पर विचार करने के पश्चात् भी मैं यह नहीं मानता कि द्रुपदपुत्री कृष्णा जीती हैं।'॥24॥
'Shakuni, the son of Subala, who has the desire to win all the stakes, has raised the issue of putting Draupadi at stake. After considering all these things, I do not believe that Krishna, the daughter of Drupada, has won.'॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥