श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 76: भीमसेनका क्रोध एवं अर्जुनका उन्हें शान्त करना, विकर्णकी धर्मसंगत बातका कर्णके द्वारा विरोध, द्रौपदीका चीरहरण एवं भगवान‍्द्वारा उसकी लज्जारक्षा तथा विदुरके द्वारा प्रह्लादका उदाहरण देकर सभासदोंको विरोधके लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.76.13 
भीष्मश्च धृतराष्ट्रश्च कुरुवृद्धतमावुभौ।
समेत्य नाहतु: किंचिद् विदुरश्च महामति:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
पितामह भीष्म और पिता धृतराष्ट्र कुरुवंश के सबसे वृद्ध पुरुष हैं। वे और परम बुद्धिमान विदुरजी मिलकर भी कोई उत्तर क्यों नहीं देते?॥13॥
 
‘Grandfather Bhishma and father Dhritarashtra are the oldest men of the Kuru clan. Why don’t they and the very intelligent Vidurji together give any answer?’॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)