Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.76.12: हे भूमि के रक्षकों! आप सभी लोग द्रौपदी के प्रश्न का उत्तर दीजिए। यदि उसके प्रश्न का ठीक से उत्तर नहीं दिया गया, तो हमें शीघ्र ही नरक भोगना पड़ेगा॥12॥   |   mahabharat अध्याय 2.76: भीमसेनका क्रोध एवं अर्जुनका उन्हें शान्त करना, विकर्णकी धर्मसंगत बातका कर्णके द्वारा विरोध, द्रौपदीका चीरहरण एवं भगवान‍्द्वारा उसकी लज्जारक्षा तथा विदुरके द्वारा प्रह्लादका उदाहरण देकर सभासदोंको विरोधके लिये प्रेरित करना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 76: भीमसेनका क्रोध एवं अर्जुनका उन्हें शान्त करना, विकर्णकी धर्मसंगत बातका कर्णके द्वारा विरोध, द्रौपदीका चीरहरण एवं भगवान‍्द्वारा उसकी लज्जारक्षा तथा विदुरके द्वारा प्रह्लादका उदाहरण देकर सभासदोंको विरोधके लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  2.76.12 
याज्ञसेन्या यदुक्तं तद् वाक्यं विब्रूत पार्थिवा:।
अविवेकेन वाक्यस्य नरक: सद्य एव न:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
हे भूमि के रक्षकों! आप सभी लोग द्रौपदी के प्रश्न का उत्तर दीजिए। यदि उसके प्रश्न का ठीक से उत्तर नहीं दिया गया, तो हमें शीघ्र ही नरक भोगना पड़ेगा॥12॥
 
‘O protectors of the land! You all should answer the question posed by Draupadi. If her question is not answered properly, we will soon have to suffer hell.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)