श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 75: प्रातिकामीके बुलानेसे न आनेपर दु:शासनका सभामें द्रौपदीको केश पकड़कर घसीटकर लाना एवं सभासदोंसे द्रौपदीका प्रश्न  »  श्लोक d2
 
 
श्लोक  2.75.d2 
(न सा सभा यत्र न सन्ति वृद्धा
न ते वृद्धा ये न वदन्ति धर्मम्।
नासौ धर्मो यत्र न सत्यमस्ति
न तत् सत्यं यच्छलेनानुविद्धम्॥)
 
 
अनुवाद
वह सभा नहीं है जिसमें कोई बुजुर्ग न हो, जो धर्म के बारे में बात नहीं करता वह बुजुर्ग नहीं है, वह धर्म नहीं है जिसमें सत्य नहीं है और वह सत्य नहीं है जिसमें छल मिला हुआ हो।
 
That is not a gathering where there are no elders, those who do not speak about Dharma are not elders, that is not Dharma in which there is no truth and that is not truth which is mixed with deception.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)