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श्री महाभारत
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पर्व 2: सभा पर्व
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अध्याय 75: प्रातिकामीके बुलानेसे न आनेपर दु:शासनका सभामें द्रौपदीको केश पकड़कर घसीटकर लाना एवं सभासदोंसे द्रौपदीका प्रश्न
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श्लोक d1
श्लोक
2.75.d1
(इमं प्रश्नमिमे ब्रूत सर्व एव सभासद:।
जितां वाप्यजितां वा मां मन्यध्वे सर्वभूमिपा:॥)
अनुवाद
सभा के सभी सदस्य मेरे इस प्रश्न का उत्तर दें। हे राजन! आप क्या सोचते हैं? मैंने धर्मानुसार जीवन जिया है या नहीं?
All the members of the assembly should answer this question of mine. O kings! What do you think? Have I lived according to Dharma or not?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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