Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.75.31: यद्यपि लम्बे बालों वाली उस द्रौपदी की अच्छी तरह से देखभाल की जाती थी, फिर भी दु:शासन उस बेचारी दुःखी स्त्री को अनाथ की तरह घसीटकर राजसभा में ले आया और द्रौपदी को ऐसे जोर से खींचने लगा, जैसे हवा केले के वृक्ष को हिलाकर झुका देती है। | mahabharat अध्याय 2.75: प्रातिकामीके बुलानेसे न आनेपर दु:शासनका सभामें द्रौपदीको केश पकड़कर घसीटकर लाना एवं सभासदोंसे द्रौपदीका प्रश्न । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यपि लम्बे बालों वाली उस द्रौपदी की अच्छी तरह से देखभाल की जाती थी, फिर भी दु:शासन उस बेचारी दुःखी स्त्री को अनाथ की तरह घसीटकर राजसभा में ले आया और द्रौपदी को ऐसे जोर से खींचने लगा, जैसे हवा केले के वृक्ष को हिलाकर झुका देती है।
Though that Draupadi with long hair was well looked after, yet Dushasan dragged that poor distressed woman like an orphan to the court and started pulling Draupadi with force just as the wind shakes and bends a banana tree.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥