श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 75: प्रातिकामीके बुलानेसे न आनेपर दु:शासनका सभामें द्रौपदीको केश पकड़कर घसीटकर लाना एवं सभासदोंसे द्रौपदीका प्रश्न  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.75.16 
सोऽयं धर्मो मात्यगात् कौरवान् वै
सभ्यान् गत्वा पृच्छ धर्म्यं वचो मे।
ते मां ब्रूयुर्निश्चितं तत् करिष्ये
धर्मात्मानो नीतिमन्तो वरिष्ठा:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
इस कर्तव्य का उल्लंघन न हो, इसलिए सभा में बैठे हुए कुरुवंशियों के पास जाकर उनसे कर्तव्यानुसार यह पूछो - ‘इस समय मुझे क्या करना चाहिए?’ ये धर्मात्मा, बुद्धिमान् और महापुरुष मुझे जो कुछ करने की आज्ञा देंगे, मैं अवश्य ही वह करूँगा॥ 16॥
 
So that I do not violate this duty, go to the Kuru dynasty members seated in the assembly and ask them this duty in accordance with the duty - 'What should I do at this time?' Whatever these righteous, wise and great men command me to do, I will certainly do that.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)