Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.74.6: किसी को भी कोई कष्टदायक बात न कहो, किसी से कटु वचन न बोलो। अपने शत्रु को नीच कर्मों से वश में करने का प्रयत्न न करो। ऐसा कुछ भी न कहो जिससे दूसरों को क्षोभ हो, ईर्ष्या हो और जो नरक में ले जाए। ॥6॥ | mahabharat अध्याय 2.74: विदुरका दुर्योधनको फटकारना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नारुन्तुद: स्यान्न नृशंसवादी
न हीनत: परमभ्याददीत।
ययास्य वाचा पर उद्विजेत
न तां वदेदुषतीं पापलोक्याम्॥ ६॥
अनुवाद
किसी को भी कोई कष्टदायक बात न कहो, किसी से कटु वचन न बोलो। अपने शत्रु को नीच कर्मों से वश में करने का प्रयत्न न करो। ऐसा कुछ भी न कहो जिससे दूसरों को क्षोभ हो, ईर्ष्या हो और जो नरक में ले जाए। ॥6॥
Do not say anything hurtful to anyone, do not speak harsh words to anyone. Do not try to subdue your enemy by mean deeds. Never say anything that can agitate others, cause jealousy and lead to hell. ॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥