Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.73.38: उनका मुख कमल के समान सुन्दर, पसीने की बूँदों से सुशोभित और चमेली के समान सुगन्धित है। उनका मध्य भाग वेदी के समान पतला है। उनके केश लम्बे हैं, मुख और ओष्ठ लाल हैं और शरीर पर बहुत कम रोम हैं ॥38॥ | mahabharat अध्याय 2.73: युधिष्ठिरका धन, राज्य, भाइयों तथा द्रौपदीसहित अपनेको भी हारना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनका मुख कमल के समान सुन्दर, पसीने की बूँदों से सुशोभित और चमेली के समान सुगन्धित है। उनका मध्य भाग वेदी के समान पतला है। उनके केश लम्बे हैं, मुख और ओष्ठ लाल हैं और शरीर पर बहुत कम रोम हैं ॥38॥
His face adorned with sweat drops is as beautiful as a lotus and fragrant as a jasmine. His middle part looks as thin as an altar. His hair is long, his face and lips are red in colour and there is not much hair on his body. ॥ 38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥