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mahabharat 2.73.37: वह ग्वालों और भेड़पालकों से देर से सोती है और सबसे पहले उठती है। वह इस बात का ध्यान रखती है कि कौन-सा काम हुआ और कौन-सा नहीं। 37.   |   mahabharat अध्याय 2.73: युधिष्ठिरका धन, राज्य, भाइयों तथा द्रौपदीसहित अपनेको भी हारना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 73: युधिष्ठिरका धन, राज्य, भाइयों तथा द्रौपदीसहित अपनेको भी हारना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  2.73.37 
चरमं संविशति या प्रथमं प्रतिबुध्यते।
आगोपालाविपालेभ्य: सर्वं वेद कृताकृतम्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
वह ग्वालों और भेड़पालकों से देर से सोती है और सबसे पहले उठती है। वह इस बात का ध्यान रखती है कि कौन-सा काम हुआ और कौन-सा नहीं। 37.
 
She sleeps later than the cowherds and the shepherds of the sheep and wakes up first. She keeps track of which work was done and which was not. 37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)