Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.73.34: उनके नेत्र शरद ऋतु के खिले हुए कमल के समान सुन्दर और विशाल हैं। उनके शरीर से शरद ऋतु के कमल के समान सुगन्ध फैलती रहती है। वे शरद ऋतु के कमलों का भक्षण करती हैं और लक्ष्मी के समान स्वरूप हैं। 34॥ | mahabharat अध्याय 2.73: युधिष्ठिरका धन, राज्य, भाइयों तथा द्रौपदीसहित अपनेको भी हारना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके नेत्र शरद ऋतु के खिले हुए कमल के समान सुन्दर और विशाल हैं। उनके शरीर से शरद ऋतु के कमल के समान सुगन्ध फैलती रहती है। वे शरद ऋतु के कमलों का भक्षण करती हैं और लक्ष्मी के समान स्वरूप हैं। 34॥
His eyes are as beautiful and huge as the blossoming lotus fields of autumn. The fragrance like that of an autumn lotus keeps spreading from his body. She eats the lotus flowers of autumn season and is like Lakshmi in form. 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥