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mahabharat 2.73.33: युधिष्ठिर ने कहा, "मैं द्रौपदी को दांव पर लगाकर आपके साथ जुआ खेलूंगा, जो न तो छोटी है और न ही लंबी, न ही रंग में काली और न ही लाल, और जिसके बाल नीले और घुंघराले हैं।"   |   mahabharat अध्याय 2.73: युधिष्ठिरका धन, राज्य, भाइयों तथा द्रौपदीसहित अपनेको भी हारना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 73: युधिष्ठिरका धन, राज्य, भाइयों तथा द्रौपदीसहित अपनेको भी हारना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  2.73.33 
युधिष्ठिर उवाच
नैव ह्रस्वा न महती न कृष्णा नातिरोहिणी।
नीलकुञ्चितकेशी च तया दीव्याम्यहं त्वया॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने कहा, "मैं द्रौपदी को दांव पर लगाकर आपके साथ जुआ खेलूंगा, जो न तो छोटी है और न ही लंबी, न ही रंग में काली और न ही लाल, और जिसके बाल नीले और घुंघराले हैं।"
 
Yudhishthira said, "I will gamble with you by putting Draupadi at stake, who is neither short nor tall, neither dark nor red in complexion, and whose hair is blue and curly."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)