Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.73.28: युधिष्ठिर बोले, "मैं अपने सभी भाइयों में सबसे बड़ा और सबका प्रिय हूँ; इसलिए मैं अपने आप को दांव पर लगा रहा हूँ। यदि मैं हार गया, तो मैं पराजित दास की तरह सारा काम करूँगा।" 28. | mahabharat अध्याय 2.73: युधिष्ठिरका धन, राज्य, भाइयों तथा द्रौपदीसहित अपनेको भी हारना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर बोले, "मैं अपने सभी भाइयों में सबसे बड़ा और सबका प्रिय हूँ; इसलिए मैं अपने आप को दांव पर लगा रहा हूँ। यदि मैं हार गया, तो मैं पराजित दास की तरह सारा काम करूँगा।" 28.
Yudhishthira said, "I am the eldest among all my brothers and everyone's favourite; therefore I am putting myself at stake. If I lose, I will do all the work like a defeated slave." 28.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥