Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.72.6: विदुर! हमारा अपमान मत करो, हम तुम्हारे इरादे समझ गए हैं। बड़ों के पास बैठकर ज्ञान सीखो। जो यश तुमने पहले कमाया है, उसकी रक्षा करो। दूसरों के मामलों में दखल मत दो। | mahabharat अध्याय 2.72: दुर्योधनका विदुरको फटकारना और विदुरका उसे चेतावनी देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मा नोऽवमंस्था विद्म मनस्तवेदं
शिक्षस्व बुद्धिं स्थविराणां सकाशात्।
यशो रक्षस्व विदुर सम्प्रणीतं
मा व्यापृत: परकार्येषु भूस्त्वम्॥ ६॥
अनुवाद
विदुर! हमारा अपमान मत करो, हम तुम्हारे इरादे समझ गए हैं। बड़ों के पास बैठकर ज्ञान सीखो। जो यश तुमने पहले कमाया है, उसकी रक्षा करो। दूसरों के मामलों में दखल मत दो।
Vidur! Do not insult us, we have understood your intentions. Sit near the elders and learn wisdom. Protect the fame you have earned earlier. Do not interfere in the affairs of others.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥