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mahabharat 2.70.9: इस प्रकार उसका वध करने से सभी सगे-संबंधी सदा के लिए सुखी हो गए हैं। यदि आप भी अनुमति दें तो यह सव्यसाची अर्जुन इस दुर्योधन को बंदी बना सकता है।   |   mahabharat अध्याय 2.70: धृतराष्ट्रको विदुरकी चेतावनी   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 70: धृतराष्ट्रको विदुरकी चेतावनी  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.70.9 
एवं ते ज्ञातय: सर्वे मोदमाना: शतं समा:।
त्वन्नियुक्त: सव्यसाची निगृह्णातु सुयोधनम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार उसका वध करने से सभी सगे-संबंधी सदा के लिए सुखी हो गए हैं। यदि आप भी अनुमति दें तो यह सव्यसाची अर्जुन इस दुर्योधन को बंदी बना सकता है।
 
By killing him in this manner all the relatives have become happy forever. If you also give permission, this Savyasachi Arjuna can make this Duryodhan a prisoner.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)