Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.70.17: हे भरतवंशी राजा! जब कुन्ती के पुत्र एक होकर युद्ध के लिए तैयार हो जाते हैं, तब उनसे कौन युद्ध कर सकता है, चाहे वह अन्य देवताओं सहित स्वयं इन्द्र ही क्यों न हों?॥17॥ | mahabharat अध्याय 2.70: धृतराष्ट्रको विदुरकी चेतावनी । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतवंशी राजा! जब कुन्ती के पुत्र एक होकर युद्ध के लिए तैयार हो जाते हैं, तब उनसे कौन युद्ध कर सकता है, चाहे वह अन्य देवताओं सहित स्वयं इन्द्र ही क्यों न हों?॥17॥
O King of the Bharata dynasty! When the sons of Kunti unite and get ready for war, who can fight them, even if it is Lord Indra himself, along with the other gods?॥ 17॥
इति श्रीमहाभारते सभापर्वणि द्यूतपर्वणि विदुरहितवाक्ये द्विषष्टितमोऽध्याय:॥ ६२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सभापर्वके अन्तर्गत द्यूतपर्वमें विदुरके हितकारक वचनसम्बन्धी बासठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ६२॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठका १/२ श्लोक मिलाकर कुल १७ १/२ श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥