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mahabharat 2.70.16: जैसे कोयला बनाने वाला मनुष्य वृक्षों को जलाकर राख कर देता है, वैसे ही तुम्हें भी वृक्षों को जड़ सहित पूरी तरह जलाने का प्रयत्न नहीं करना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि पाण्डवों के प्रति तुम्हारे विरोध के कारण तुम्हें अपने पुत्र, मन्त्रियों और सेना सहित यमलोक जाना पड़े॥ 16॥   |   mahabharat अध्याय 2.70: धृतराष्ट्रको विदुरकी चेतावनी   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 70: धृतराष्ट्रको विदुरकी चेतावनी  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  2.70.16 
वृक्षानङ्गारकारीव मैनान् धाक्षी: समूलकान्।
मा गम: ससुतामात्य: सबलश्च यमक्षयम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जैसे कोयला बनाने वाला मनुष्य वृक्षों को जलाकर राख कर देता है, वैसे ही तुम्हें भी वृक्षों को जड़ सहित पूरी तरह जलाने का प्रयत्न नहीं करना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि पाण्डवों के प्रति तुम्हारे विरोध के कारण तुम्हें अपने पुत्र, मन्त्रियों और सेना सहित यमलोक जाना पड़े॥ 16॥
 
Just as a person who makes coal burns trees to ashes, similarly you should not try to burn them completely, including their roots. It may happen that due to your opposition to the Pandavas, you have to go to Yamaloka along with your son, ministers and army.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)