Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.7.9: इसी प्रकार हे कुन्तीपुत्र! सभी शुद्ध ऋषिगण, जिनके पाप धुल गये हैं, अग्नि के समान प्रज्वलित होकर, वहाँ इन्द्र की पूजा करते हैं।   |   mahabharat अध्याय 2.7: इन्द्रसभाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 7: इन्द्रसभाका वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  2.7.9 
तथा देवर्षय: सर्वे पार्थ शक्रमुपासते।
अमला धूतपाप्मानो दीप्यमाना इवाग्नय:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार हे कुन्तीपुत्र! सभी शुद्ध ऋषिगण, जिनके पाप धुल गये हैं, अग्नि के समान प्रज्वलित होकर, वहाँ इन्द्र की पूजा करते हैं।
 
Similarly, all the pure sages whose sins have been washed away, blazing like fire, worship Indra there, O son of Kunti.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)