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mahabharat 2.69.3: वैशम्पायन कहते हैं: यह सुनकर शकुनि ने पाण्डु के ज्येष्ठ पुत्र तथा अपने सिद्धांतों से कभी विचलित न होने वाले कौरवों के वंशज राजा युधिष्ठिर से कहा, 'देखिए, इस चाल में भी मैं जीत गया।'   |   mahabharat अध्याय 2.69: जूएमें शकुनिके छलसे प्रत्येक दाँवपर युधिष्ठिरकी हार   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 69: जूएमें शकुनिके छलसे प्रत्येक दाँवपर युधिष्ठिरकी हार  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.69.3 
वैशम्पायन उवाच
कौरवाणां कुलकरं ज्येष्ठं पाण्डवमच्युतम्।
इत्युक्त: शकुनि: प्राह जितमित्येव तं नृपम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं: यह सुनकर शकुनि ने पाण्डु के ज्येष्ठ पुत्र तथा अपने सिद्धांतों से कभी विचलित न होने वाले कौरवों के वंशज राजा युधिष्ठिर से कहा, 'देखिए, इस चाल में भी मैं जीत गया।'
 
Vaishmpayana says: On hearing this, Shakuni said to King Yudhishthira, the eldest son of Pandu and the descendant of the Kauravas who never deviated from his principles, 'Look, I won this move too.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)