श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 69: जूएमें शकुनिके छलसे प्रत्येक दाँवपर युधिष्ठिरकी हार  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  2.69.25 
युधिष्ठिर उवाच
रथानां शकटानां च श्रेष्ठानां चायुतानि मे।
युक्तान्येव हि तिष्ठन्ति वाहैरुच्चावचैस्तथा॥ २५॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने कहा, "मेरे पास दस हजार उत्तम रथ और गाड़ियाँ हैं। जिनमें छोटे-बड़े वाहन सदैव लगे रहते हैं।"
 
Yudhishthira said, "I have ten thousand excellent chariots and carts. In which small and big vehicles are always assembled."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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