Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.68.5: महाराज! वे सभी ज्ञानी और वीर थे तथा उनके शरीर तेज से युक्त थे। उनके बैठते ही वहाँ मित्रों का जुआ खेलना आरम्भ हो गया। | mahabharat अध्याय 2.68: द्यूतक्रीड़ाका आरम्भ । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वे वेदविद: शूरा: सर्वे भास्वरमूर्तय:।
प्रावर्तत महाराज सुहृद् द्यूतमनन्तरम्॥ ५॥
अनुवाद
महाराज! वे सभी ज्ञानी और वीर थे तथा उनके शरीर तेज से युक्त थे। उनके बैठते ही वहाँ मित्रों का जुआ खेलना आरम्भ हो गया।
Maharaj! All of them were knowledgeable and brave and their bodies were full of light. As soon as he sat down, the gambling game of the friends started there. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥