श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 67: जूएके अनौचित्यके सम्बन्धमें युधिष्ठिर और शकुनिका संवाद  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  2.67.19 
अस्मिन् समागमे केन देवनं मे भविष्यति।
प्रतिपाणश्च कोऽन्योऽस्ति ततो द्यूतं प्रवर्तताम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
अच्छा, यहाँ एकत्रित हुए सभी लोगों में से मुझे किसके साथ जुआ खेलना होगा? कौन मेरे विरुद्ध बैठकर दांव लगाएगा? जब यह निश्चय हो जाए, तब जुआ खेलना आरम्भ किया जाए॥19॥
 
Well, out of all the people gathered here, with whom will I have to gamble? Who will sit against me and place a bet? Once this is decided, let the game of gambling begin.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)