श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 67: जूएके अनौचित्यके सम्बन्धमें युधिष्ठिर और शकुनिका संवाद  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  2.67.18 
युधिष्ठिर उवाच
आहूतो न निवर्तेयमिति मे व्रतमाहितम्।
विधिश्च बलवान् राजन् दिष्टस्यास्मि वशे स्थित:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले- हे राजन! मैं बुलाने पर पीछे नहीं हटता, यह मेरा अटल व्रत है। ईश्वर शक्तिशाली हैं। मैं ईश्वर के अधीन हूँ।
 
Yudhishthira said- O King! I do not back down when called, this is my fixed vow. God is powerful. I am under the control of God.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)