Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.67.11: सज्जन पुरुष किसी के प्रति अनुचित वचन नहीं बोलता और न ही छल-कपट का व्यवहार करता है। धूर्तता और बेईमानी से रहित युद्ध करना ही सज्जन पुरुष का व्रत है ॥11॥ | mahabharat अध्याय 2.67: जूएके अनौचित्यके सम्बन्धमें युधिष्ठिर और शकुनिका संवाद । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नार्या म्लेच्छन्ति भाषाभिर्मायया न चरन्त्युत।
अजिह्ममशठं युद्धमेतत् सत्पुरुषव्रतम्॥ ११॥
अनुवाद
सज्जन पुरुष किसी के प्रति अनुचित वचन नहीं बोलता और न ही छल-कपट का व्यवहार करता है। धूर्तता और बेईमानी से रहित युद्ध करना ही सज्जन पुरुष का व्रत है ॥11॥
A noble person does not speak inappropriate words towards anyone and does not behave deceitfully. A war without cunningness and dishonesty is the vow of a good person. ॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥