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mahabharat 2.66.d4-d6: राजा के बैठने के योग्य एक साठ वर्ष का हाथी लाया गया, जो सभी आवश्यक वस्तुओं से सुसज्जित था। वह सभी शुभ चिह्नों से युक्त था। उसकी पीठ पर एक सुंदर स्वर्ण हौदा बाँधा गया। महाराज युधिष्ठिर (पूर्वोक्त रथ से उतरकर) उस हाथी पर सवार होकर हौदे में बैठ गए। उस समय वे हार, मुकुट और अन्य सभी आभूषणों से सुशोभित थे और अपनी स्वर्णिम आभा और उत्तम राजसी वैभव के साथ अत्यंत सुंदर दिख रहे थे। उन्हें देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वर्ण वेदी पर स्थापित अग्निदेव घी की आहुति से प्रज्वलित हो रहे हों।   |   mahabharat अध्याय 2.66: विदुर और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा युधिष्ठिरका हस्तिनापुरमें जाकर सबसे मिलना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 66: विदुर और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा युधिष्ठिरका हस्तिनापुरमें जाकर सबसे मिलना  »  श्लोक d4-d6
 
 
श्लोक  2.66.d4-d6 
सर्वलक्षणसम्पन्नं राजार्हं सपरिच्छदम्।
तमारुह्य महाराजो गजेन्द्रं षष्टिहायनम्॥
निषसाद गजस्कन्धे काञ्चने परमासने।
हारी किरीटी हेमाभ: सर्वाभरणभूषित:॥
रराज राजन् पार्थो वै परया नृपशोभया।
रुक्मवेदिगत: प्राज्यो ज्वलन्निव हुताशन:॥
 
 
अनुवाद
राजा के बैठने के योग्य एक साठ वर्ष का हाथी लाया गया, जो सभी आवश्यक वस्तुओं से सुसज्जित था। वह सभी शुभ चिह्नों से युक्त था। उसकी पीठ पर एक सुंदर स्वर्ण हौदा बाँधा गया। महाराज युधिष्ठिर (पूर्वोक्त रथ से उतरकर) उस हाथी पर सवार होकर हौदे में बैठ गए। उस समय वे हार, मुकुट और अन्य सभी आभूषणों से सुशोभित थे और अपनी स्वर्णिम आभा और उत्तम राजसी वैभव के साथ अत्यंत सुंदर दिख रहे थे। उन्हें देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वर्ण वेदी पर स्थापित अग्निदेव घी की आहुति से प्रज्वलित हो रहे हों।
 
A sixty year old elephant suitable for the king to sit on was brought, equipped with all the necessary items. It was endowed with all the auspicious signs. A beautiful golden howdah was tied on its back. Maharaj Yudhishthira (after getting down from the aforesaid chariot) mounted that elephant and sat in the howdah. At that time, he was adorned with a necklace, crown and all other ornaments and was looking very beautiful with his golden glow and excellent royal splendor. Looking at him, it seemed as if the fire god installed on the golden altar was being lit by the offering of ghee.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)