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mahabharat 2.66.13: विदुर ने कहा- हे राजन! वहाँ गांधार नरेश शकुनि हैं, जो जुए के बड़े खिलाड़ी हैं। वे इच्छानुसार पासे फेंकने में निपुण हैं। वे जुए के रहस्यों को जानते हैं। उनके अतिरिक्त राजा विविंशति, चित्रसेन, राजा सत्यव्रत, पुरुमित्र और जय भी वहाँ होंगे।॥13॥   |   mahabharat अध्याय 2.66: विदुर और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा युधिष्ठिरका हस्तिनापुरमें जाकर सबसे मिलना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 66: विदुर और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा युधिष्ठिरका हस्तिनापुरमें जाकर सबसे मिलना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.66.13 
विदुर उवाच
गान्धारराज: शकुनिर्विशाम्पते
राजातिदेवी कृतहस्तो मताक्ष:।
विविंशतिश्चित्रसेनश्च राजा
सत्यव्रत: पुरुमित्रो जयश्च॥ १३॥
 
 
अनुवाद
विदुर ने कहा- हे राजन! वहाँ गांधार नरेश शकुनि हैं, जो जुए के बड़े खिलाड़ी हैं। वे इच्छानुसार पासे फेंकने में निपुण हैं। वे जुए के रहस्यों को जानते हैं। उनके अतिरिक्त राजा विविंशति, चित्रसेन, राजा सत्यव्रत, पुरुमित्र और जय भी वहाँ होंगे।॥13॥
 
Vidur said- O King! There is Gandhara King Shakuni, who is a great player of gambling. He is expert in throwing dice according to his wish. He knows the secrets of gambling. Apart from him, King Vivinshati, Chitrasen, King Satyavrat, Purumitra and Jai will also be there.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)