Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.66.12: युधिष्ठिर ने पूछा- विदुरजी! राजा धृतराष्ट्र के पुत्रों के अतिरिक्त वहाँ और कौन-कौन धूर्त जुआरी हैं? मैं आपसे यही पूछ रहा हूँ। कृपा करके मुझे उन सबका वर्णन कीजिए जिनके साथ हमें सैकड़ों रुपये दांव पर लगाकर जुआ खेलना होगा॥ 12॥ | mahabharat अध्याय 2.66: विदुर और युधिष्ठिरकी बातचीत तथा युधिष्ठिरका हस्तिनापुरमें जाकर सबसे मिलना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर ने पूछा- विदुरजी! राजा धृतराष्ट्र के पुत्रों के अतिरिक्त वहाँ और कौन-कौन धूर्त जुआरी हैं? मैं आपसे यही पूछ रहा हूँ। कृपा करके मुझे उन सबका वर्णन कीजिए जिनके साथ हमें सैकड़ों रुपये दांव पर लगाकर जुआ खेलना होगा॥ 12॥
Yudhishthira asked- Vidurji! Apart from the sons of King Dhritarashtra, who else are the cunning gamblers there? I am asking you this. Please tell me all those with whom we will have to gamble by betting hundreds of rupees.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥