Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.64.10: रोग या यमराज यह देखने के लिए प्रतीक्षा नहीं करते कि मनुष्य को अभीष्ट सफलता मिली है या नहीं। अतः जब तक शक्ति है, तब तक अपने लिए जो उत्तम हो, वही करते रहना चाहिए।॥10॥ | mahabharat अध्याय 2.64: धृतराष्ट्र और दुर्योधनकी बातचीत, द्यूतक्रीड़ाके लिये सभानिर्माण और धृतराष्ट्रका युधिष्ठिरको बुलानेके लिये विदुरको आज्ञा देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रोग या यमराज यह देखने के लिए प्रतीक्षा नहीं करते कि मनुष्य को अभीष्ट सफलता मिली है या नहीं। अतः जब तक शक्ति है, तब तक अपने लिए जो उत्तम हो, वही करते रहना चाहिए।॥10॥
Disease or Yamaraja do not wait to see whether one has achieved the desired success or not. Therefore, one should do whatever is best for oneself as long as one has the strength.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥