Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.63.11: लक्ष्मी प्राप्ति का मुख्य कारण असंतोष है, इसलिए मैं असंतोष चाहता हूँ। हे राजन! जो व्यक्ति अपनी उन्नति के लिए प्रयत्न करता है, उसके लिए वह प्रयत्न ही सर्वोत्तम नीति है। | mahabharat अध्याय 2.63: दुर्योधनका धृतराष्ट्रको उकसाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
असंतोष: श्रियो मूलं तस्मात् तं कामयाम्यहम्।
समुच्छ्रये यो यतते स राजन् परमो नय:॥ ११॥
अनुवाद
लक्ष्मी प्राप्ति का मुख्य कारण असंतोष है, इसलिए मैं असंतोष चाहता हूँ। हे राजन! जो व्यक्ति अपनी उन्नति के लिए प्रयत्न करता है, उसके लिए वह प्रयत्न ही सर्वोत्तम नीति है।
Discontentment is the main reason for attaining Lakshmi; hence I want discontentment. O King! For one who tries to advance himself, that effort itself is the best policy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥