Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.62.d1-d2: बेटा! यह धरती कामधेनु है। इसे वीरपत्नी भी कहते हैं। वीरता से जीती हुई धरती मनवांछित फल देती है। अगर तुममें भी बल और पराक्रम है तो तुम इस धरती का भरपूर उपयोग कर सकते हो। | mahabharat अध्याय 2.62: धृतराष्ट्रका दुर्योधनको समझाना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(मही कामदुघा सा हि वीरपत्नीति चोच्यते।
तथा वीर्याश्रिता भूमिस्तनुते हि मनोरथम्॥
तवाप्यस्ति हि चेद् वीर्यं भोक्ष्यसे हि महीमिमाम्॥)
अनुवाद
बेटा! यह धरती कामधेनु है। इसे वीरपत्नी भी कहते हैं। वीरता से जीती हुई धरती मनवांछित फल देती है। अगर तुममें भी बल और पराक्रम है तो तुम इस धरती का भरपूर उपयोग कर सकते हो।
Son! This earth is Kamadhenu. It is also called Veerpatni. The land won by one's valour gives desired fruits. If you too have strength and valour then you can make full use of this earth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥