Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.60.29-30h: राजन! राजा द्रुपद ने यज्ञ के लिए कुन्तीपुत्रों को चौदह हजार दासियाँ, दस हजार दासियाँ, छब्बीस हाथी-रथ और अपना सम्पूर्ण राज्य समर्पित कर दिया था। | mahabharat अध्याय 2.60: युधिष्ठिरको भेंटमें मिली हुई वस्तुओंका दुर्योधनद्वारा वर्णन । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यज्ञसेनेन दासीनां सहस्राणि चतुर्दश।
दासानामयुतं चैव सदाराणां विशाम्पते।
गजयुक्ता महाराज रथा: षड्विंशतिस्तथा॥ २९॥
राज्यं च कृत्स्नं पार्थेभ्यो यज्ञार्थं वै निवेदितम्।
अनुवाद
राजन! राजा द्रुपद ने यज्ञ के लिए कुन्तीपुत्रों को चौदह हजार दासियाँ, दस हजार दासियाँ, छब्बीस हाथी-रथ और अपना सम्पूर्ण राज्य समर्पित कर दिया था।
Rajan! King Drupada had dedicated fourteen thousand female slaves, ten thousand concubine slaves, twenty-six chariots drawn by elephants and his entire kingdom to the sons of Kunti for the yagya.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥