श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 60: युधिष्ठिरको भेंटमें मिली हुई वस्तुओंका दुर्योधनद्वारा वर्णन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  2.60.25 
कृती राजा च कौरव्य शूकराणां विशाम्पते।
अददाद् गजरत्नानां शतानि सुबहून्यथ॥ २५॥
 
 
अनुवाद
महाराज! शुक्रदेश के पुण्यात्मा राजा ने कई सौ गजरत्न भेंट किये ॥25॥
 
Maharaj! The virtuous king of Shukardesh presented several hundred Gajratnas. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)