Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.59.21-23h: एकपदेश के राजाओं ने उन्हें इन्द्रगोप (बीरबाहुति) के समान लाल, तोते के समान हरे, मन के समान तीव्र, इन्द्रधनुष के समान बहुरंगी, संध्या के बादलों के समान लाल, अनेक रंगों वाले, अत्यन्त वेगवान तथा बहुमूल्य स्वर्ण जैसे जंगली घोड़े भेंट किये। | mahabharat अध्याय 2.59: युधिष्ठिरको भेंटमें मिली हुई वस्तुओंका दुर्योधनद्वारा वर्णन । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एकपदेश के राजाओं ने उन्हें इन्द्रगोप (बीरबाहुति) के समान लाल, तोते के समान हरे, मन के समान तीव्र, इन्द्रधनुष के समान बहुरंगी, संध्या के बादलों के समान लाल, अनेक रंगों वाले, अत्यन्त वेगवान तथा बहुमूल्य स्वर्ण जैसे जंगली घोड़े भेंट किये।
The kings of Ekapadesh presented to him wild horses as red as the Indragop (Birbahuti), green as the parrot, swift as the mind, multi-coloured like the rainbow, red like the evening clouds and of many colours, very fast and precious gold.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥