Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.57.38: भरत! मैं इस संसार में जुआ खेलने की कला में निपुण हूँ, मैं जुआ खेलने का सार जानता हूँ; मैं दांव लगाना भी जानता हूँ और मैं पासे फेंकने की कला में भी निपुण हूँ। | mahabharat अध्याय 2.57: धृतराष्ट्रके पूछनेपर दुर्योधनका अपनी चिन्ता बताना और द्यूतके लिये धृतराष्ट्रसे अनुरोध करना एवं धृतराष्ट्रका विदुरको इन्द्रप्रस्थ जानेका आदेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरत! मैं इस संसार में जुआ खेलने की कला में निपुण हूँ, मैं जुआ खेलने का सार जानता हूँ; मैं दांव लगाना भी जानता हूँ और मैं पासे फेंकने की कला में भी निपुण हूँ।
Bharata! I am an expert in the art of gambling in this world, I know the essence of gambling; I also know how to place bets and I am also an expert in the art of throwing dice.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥