श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 57: धृतराष्ट्रके पूछनेपर दुर्योधनका अपनी चिन्ता बताना और द्यूतके लिये धृतराष्ट्रसे अनुरोध करना एवं धृतराष्ट्रका विदुरको इन्द्रप्रस्थ जानेका आदेश  »  श्लोक 19h
 
 
श्लोक  2.57.19h 
कदलीमृगमोकानि कृष्णश्यामारुणानि च।
काम्बोज: प्राहिणोत् तस्मै परार्घ्यानपि कम्बलान्।
 
 
अनुवाद
राजा कम्बोज ने युधिष्ठिर को उपहार स्वरूप काले, नीले और लाल केले के हिरण की खालें और कई कीमती कंबल भेजे।
 
King Kamboja sent black, blue and red banana deer skins and many precious blankets as gifts to Yudhishthira.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas