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mahabharat 2.57.17-18h: राजा युधिष्ठिर अपने घर में 88,000 स्नातकों का भरण-पोषण करते हैं। उनमें से प्रत्येक की सेवा के लिए 30 दासियाँ हैं।   |   mahabharat अध्याय 2.57: धृतराष्ट्रके पूछनेपर दुर्योधनका अपनी चिन्ता बताना और द्यूतके लिये धृतराष्ट्रसे अनुरोध करना एवं धृतराष्ट्रका विदुरको इन्द्रप्रस्थ जानेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 57: धृतराष्ट्रके पूछनेपर दुर्योधनका अपनी चिन्ता बताना और द्यूतके लिये धृतराष्ट्रसे अनुरोध करना एवं धृतराष्ट्रका विदुरको इन्द्रप्रस्थ जानेका आदेश  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  2.57.17-18h 
अष्टाशीतिसहस्राणि स्नातका गृहमेधिन:॥ १७॥
त्रिंशद्दासीक एकैको यान् बिभर्ति युधिष्ठिर:।
 
 
अनुवाद
राजा युधिष्ठिर अपने घर में 88,000 स्नातकों का भरण-पोषण करते हैं। उनमें से प्रत्येक की सेवा के लिए 30 दासियाँ हैं।
 
King Yudhishthira supports 88,000 graduates living in his house. Each of them has 30 maids to serve.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)